Athletes in action


 


About Mallyuddh

मल्लयुद्ध के बारे में

Mallyuddh Wrestling

शक्ति, अनुशासन और परंपरा की जीवित विरासत

मल्लयुद्ध, जिसे कुश्ती या पहलवानी के नाम से भी जाना जाता है, विश्व की सबसे प्राचीन कुश्ती परंपराओं में से एक है। यह खेल अखाड़ा कहलाने वाले पवित्र मिट्टी के मैदानों में खेला जाता है, जहां शारीरिक सामर्थ्य के साथ-साथ मानसिक अनुशासन और आत्मसंयम को भी समान महत्व दिया जाता है।

इसमें पहलवान अखाड़े की पवित्र मिट्टी पर दाँव-पेच से युद्ध करते हैं—जैसे धोबी पाछड़, अंतरी, कसौटी और पेटी दांव। इस क्रीड़ा में लक्ष्य प्रतिद्वंद्वी को नियमों के भीतर ही चित करना होता है, न कि आघात पहुंचाना।

मल्लयुद्ध शरीर को सबल बनाता है और मन में अनुशासन, धैर्य व सम्मान का संस्कार भरता है।

यह केवल खेल नहीं, भारत की प्राचीन परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

आज भी मल्लयुद्ध की यह समृद्ध परंपरा देशभर के हज़ारों अखाड़ों में जीवित है। यहां युवा खिलाड़ी अनुभवी उस्तादों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और पीढ़ियों से चली आ रही तकनीकों, मूल्यों और अनुशासन को आगे बढ़ाते हैं।

मल्लयुद्ध केवल एक खेल नहीं,
यह भारत की मिट्टी से जुड़ी जीवित विरासत है।

Category

वर्ग

पुरुष भार वर्ग
🤼‍♂️

पुरुष भार वर्ग

50 – 60 किलोग्राम

60 – 70 किलोग्राम

70 – 80 किलोग्राम

80 – 90 किलोग्राम

90 किलोग्राम एवं उससे अधिक

महिला भार वर्ग
🤼

महिला भार वर्ग

50 – 60 किलोग्राम

60 किलोग्राम एवं उससे अधिक

   

Venue

आयोजन स्थल

श्री कृष्ण सिंह मेमोरियल स्टेडियम

श्री कृष्ण सिंह मेमोरियल स्टेडियम

जमुई, बिहार
14-15 फरवरी, 2026
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माटी से उठी ताकत

अखाड़े में जज़्बे और हुनर की असली परीक्षा

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